Incineration (दहन प्रक्रिया) में energy recovery (ऊर्जा पुनर्प्राप्ति) इस तरह होती है 👇
🔥 प्रक्रिया समझिए:
जब ठोस कचरा (solid waste) को उच्च तापमान (850–1100°C) पर जलाया जाता है, तो उसमें मौजूद ज्वलनशील पदार्थ (combustible materials) जैसे — कागज,प्लास्टिक,जैविक कचरा (organic waste) ऊष्मा ऊर्जा (heat energy) में बदल जाते हैं।
⚙️ Energy Recovery के मुख्य चरण:
1. दहन (Combustion):
कचरे को फर्नेस (furnace) में जलाया जाता है। इससे उच्च तापमान की गैसें (hot flue gases) बनती हैं।
2. हीट एक्सचेंजर / बॉयलर (Heat Recovery Boiler):
इन गर्म गैसों को बॉयलर में ले जाकर पानी को भाप (steam) में बदला जाता है।
3. टर्बाइन और जनरेटर (Turbine & Generator):
बनी हुई भाप टर्बाइन चलाती है, जो बिजली उत्पादन (electricity generation) करती है।
4. भाप का उपयोग (Steam Utilization):
कुछ प्लांट्स में यह भाप औद्योगिक उपयोग (industrial process) या घरों में हीटिंग (district heating) के लिए भी दी जाती है।
⚡ Output:
बिजली (Electricity)
भाप (Steam/Heat)
कुछ बचा हुआ राख (ash) — जिसे landfill या निर्माण में उपयोग किया जा सकता है।
💡 निष्कर्ष:
👉 Incineration with energy recovery को Waste-to-Energy (WTE) technology कहा जाता है,
क्योंकि यह कचरे से ऊर्जा उत्पन्न करता है और landfill load कम करता है।
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